समय पाय फल होत हैं, समय पाय झरि जात।सदा रहैं नहिं एक सी, का `रहीम' पछितात
Arun Singh क्यों दुखी होते हो और क्यों पछता रहे हो ! समय आता हैं, तब वृक्ष फलों से लद जाते हैं, और फिर ऐसा समय आता हैं, जब उसके सारे फूल और फल झड़ जाते हैं। समय की गति को न जानने-पहचाननेवाला ही दुखी होता हैं।
Arvind Mishra The Fruit comes on time and falls on time;nothing ever remains the same so why repent?
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